भूतिया OYO होटल रूम की कहानी।

 भूतिया OYO होटल रूम की कहानी - Horror Story In Hindi

Horror Story In Hindi – यह कहानी है करिश्मा और संजय की जो बहुत अच्छे दोस्त थे। करिश्मा और संजय कई दिनों से एक दूसरे से मिलने की कोशिश कर रहे थे लेकिन अलग-अलग शहरो में काम करने की वजह से जिसके कई दिनों की कोशिशों के बाद दोनों ने दिल्ली मिलने का प्लान बनाया।

करिश्मा ने घूमने की सारी जगहो की एक लिस्ट बना ली थी उसने सब कुछ अपने तरीके से प्लान कर लिया था ताकि एक अनजान शहर जाने के बाद उन दोनों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्टे करने के लिए करिश्मा ने एक होटल में रूम बुक कर लिया और 18 मार्च की रात दोनों दिल्ली के एयरपोर्ट पर मिले।

करिश्मा – हेलो संजय, पता है मैंने तुम्हे कितना मिस किया।

संजय – मैंने भी तुम्हे बहुत मिस किया।

दोनों एयरपोर्ट से सीधा होटल की तरफ निकल गए करीबन एक घंटे के बाद दोनों अपने होटल पहुंच गए। होटल बाहर से बहुत ही खूबसूरत लग रहा था इतना खूबसूरत होटल देख संजय काफी खुश हो गया।

संजय – सच में तुम्हारी प्लानिंग और च्वॉइस हमेशा टॉप पर होती है।

करिशम – हां जैसे की मै।

दोनों ने होटल में चेक इन कर लिया अपने रूम में पहुंचते ही दोनों फ्रेश हो गए और एक दूसरे से बात करने लगे। दोनों का ही लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप था और एक-एक साल में दोनों का मिल पाना होता था और एक साल बाद भी दोनों एक दूसरे से मिल रहे थे।

इस बिच जो भी एक दूसरे के साथ हुआ दोनों ने एक दूसरे के साथ शेयर करना सुरु कर दिया। बात करते-करते दोनों एक दूसरे के करीब आ गए और एक दूसरे की आगोश में समाने लगे।

संजय – हम एक साथ क्यों नहीं रह सकते।

करिशम – देखो संजय कोशिश तो मेरी यही है मै और तुम दोनों हमेशा के लिए एक साथ हो जाये।

करिशम और संजय एक दूसरे से बात कर ही रहे थे की तभी रूम के बाथरूम से कोई आवाज आने लगी। पहले तो उन्हें लगा की गीजर में कोई प्रॉब्लम होगी लेकिन ध्यान से सुनने पर करिश्मा ने यह महसूस किया की ये किसी की दीवार पर नाखून मारने की आवाज है ऐसा समझ में आते ही करिश्मा काफी डर गयी और वह संजय को यह बात बताई जिसके बाद संजय बाथरूम की तरफ बढ़ने लगा।

संजय – वो बाथरूम में बिल्ली थी।

करिशम – मैंने तुम्हे खामखा डरा दिया।

चैन की सांस लेते हुए दोनों वही बेड पर लेट गए और एक दूसरे से बात करने लगे की तभी उन्हें महसूस हुआ की उनके बेड के निचे कोई गहरी-गहरी सांसे ले रहा है अब ये बात दोनों ने महसूस की जिसके बाद करिश्मा ने बेड के निचे देखा उसे जो दिखा उससे करिशम की सांसे अटक गयी और वह जोरो से चिल्लाई।

संजय को कुछ समझ नहीं आया और उसने भी जब बेड के निचे देखा तो वह उसे कुछ दिखाई नहीं दिया करिश्मा को अब उस कमरे में कुछ अजीब लगने लगा था उसे वह किसी तीसरे के होने का अहसास होने लगा संजय ने उसे बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन करिश्मा अब वहा रुकना नहीं चाहती थी।

तभी सामने रखा शीशा अपने आप हिलने लगा इस डरावने नज़ारे को देख दोनों की सांसे फूलने लगी अब बात साफ़ थी सच में इस कमरे में कोई तीसरा था पर कौन।

अचानक ही शीशा टूटकर चकना चूर हो गया लेकिन अब जो उन दोनों ने देखा वो बेहद ही परेशान करने वाला मंजर था उस कमरे में एक कैमरा पहले से ही लगा हुआ था यानि अब तक जो भी उन दोनों के बिच हुआ वो सब उस कैमरा में रिकॉर्ड हो चूका था दोनों काफी घबड़ा चुके थे और फिर दोनों जल्दी-जल्दी अपने कपडे पहनना सुरु किया और वहा से निकलने की तैयारी करने लगे।

इतने में पास रखे अलमारी से किसी के गुर्राने की आवाज आने लगी यह सुन दोनों बहुत ही डर गए अब बस कैसे भी करके दोनों वहा से भागना चाह रहे थे लेकिन कमरे का दरवाजा खुल ही नहीं रहा था काफी देर के कोशिशों के बाद भी दरवाजा नहीं खुला, की अलमारी अपने आप जमीन पर गिर गया करिशम का डर एकदम सही था की यहाँ कोई तीसरा भी है वही अपने सामने इतना खतरनाक आकृति देख दोनों ही डर से कापने लगे की तभी हवा की तेजी से उस आकृति ने संजय का गला पकड़ लिया।

संजय जोर-जोर से चिल्लाने लगा उसका दम घुटने लगा था करिशम भी संजय को बचाने की कोशिश की रही थी लेकिन वह कामियाब नहीं हो पा रही थी।

फिर संजय ने पूछा तुम्हे मुझसे क्या चाहिए संजय के पूछते ही उस भूतिया आकृति ने हवा में कुछ लिखा “सच बोलो” यह पढ़कर किसी को भी कुछ समझ नहीं आया उसके बाद उस भूतिया आकृति ने फिर से कुछ लिखा ”कैमरा”

संजय – मुझे कुछ नहीं समझ आ रहा है.. मुझे छोड़ दो।

संजय का दम घुटने लगा था जिसपर उसने कहा “यह कैमरा मैंने ही लगाया है मैं करिश्मा को ब्लैकमेल करना चाहता था ताकि वो मेरे साथ आकर रहे” संजय के ऐसा कहते ही करिश्मा के पैरो से जैसे जमीन ही खिसक गयी।

संजय के यहाँ आते थी कैमरा को छिपकर लगा दिया था ताकि वह करिशमा को अपने साथ रहने के लिए ब्लैकमेल कर सके इस घिनौने काम के बाद करिशम टूट चुकी थी वही उस भूतिया आकृति ने संजय को हवा में उठा-उठा कर पटकना सुरु कर दिया कुछ ही देर में संजय ने अपना दम तोड़ दिया।

मगर ये भूतिया आकृति थी कौन?

बात अब साफ़ थी उस भूतिया आकृति ने करिशमा की जिंदगी को नर्क होने से बचाया और संजय को इसके किये की सजा दी।

भूतिया आकृति – करिशम तुम रो मत मै तुम्हे बचाने ही आयी थी इस धोखे बाज इंसान ने मुझे भी ऐसे ही बर्बाद किया था मै कमजोर थी और मै डर के कारन आत्महत्या कर ली थी लेकिन आज मेरा बदला पूरा हुआ अब ये किसी के साथ भी ऐसा नहीं कर पायेगा।


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